वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन एजेंसियों को वित्तीय सहायता देने के लिए 70 अरब डॉलर के विधेयक को मंजूरी दे दी। कई सप्ताह की देरी और तीखी राजनीतिक बहस के बाद यह बिल 52-47 मतों से पारित हुआ।
इस फंड का इस्तेमाल अगले तीन वर्षों तक इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) और बॉर्डर पेट्रोल की गतिविधियों के लिए किया जाएगा। हालांकि, विधेयक में शामिल 1.776 अरब डॉलर के एक सेटलमेंट फंड को लेकर सीनेट में सबसे ज्यादा विवाद देखने को मिला।
रिपब्लिकन सांसदों ने उन सभी संशोधनों को खारिज कर दिया, जिनमें इस फंड पर स्थायी रोक लगाने की मांग की गई थी। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का आरोप है कि इस राशि का इस्तेमाल ट्रंप के राजनीतिक सहयोगियों के हित में किया जा सकता है।
विवाद केवल विपक्ष तक सीमित नहीं रहा। रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद सामने आए। लुइसियाना से सीनेटर बिल कैसिडी ने प्रस्ताव रखा था कि इस फंड का उपयोग 6 जनवरी 2021 के कैपिटल हिल हमले में घायल पुलिसकर्मियों की सहायता के लिए किया जाए, लेकिन उनकी ही पार्टी ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। वहीं, सीनेटर थॉम टिलिस ने भी चेतावनी दी थी कि यह फंड आगामी चुनावों में पार्टी के लिए राजनीतिक नुकसान का कारण बन सकता है।
कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने पहले संकेत दिया था कि यह फंड आगे नहीं बढ़ेगा, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयान के बाद इसको लेकर स्थिति फिर चर्चा में आ गई। ट्रंप ने कहा कि यह सेटलमेंट बेहद महत्वपूर्ण है और उन्हें इसकी मौजूदा स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है।
डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने रिपब्लिकन पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह केवल ट्रंप के करीबी लोगों के आश्वासनों पर भरोसा कर रही है, जो जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकता।
गौरतलब है कि ICE और बॉर्डर पेट्रोल के लिए यह फंड कई महीनों से अटका हुआ था। जनवरी में संघीय एजेंटों की गोलीबारी में दो प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद डेमोक्रेट्स ने इमिग्रेशन नीतियों में बदलाव की मांग करते हुए बजट को रोक दिया था। उनका कहना था कि अधिकारियों की पहचान और वारंट प्रक्रिया को और सख्त किया जाना चाहिए।
आखिरकार रिपब्लिकन पार्टी ने विशेष संसदीय प्रक्रिया का सहारा लेते हुए बिना किसी डेमोक्रेटिक समर्थन के इस बजट को पारित करा लिया।
@MUSKAN KUMARI
