नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के समापन में अब केवल दो सप्ताह का समय बचा है, लेकिन सबसे चर्चित मुद्दों में शामिल परिसीमन (Delimitation) बिल को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति पर काम कर रही है। सरकार विपक्ष के रुख, राज्यों की प्रतिक्रियाओं और व्यापक राजनीतिक सहमति का आकलन करने के बाद ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है। ऐसे में यह सवाल लगातार बना हुआ है कि क्या मौजूदा मॉनसून सत्र में परिसीमन से जुड़ा विधेयक पेश किया जाएगा या इसे भविष्य के लिए टाल दिया जाएगा।

परिसीमन का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। दक्षिण भारत के कई राज्यों ने जनसंख्या आधारित सीटों के पुनर्निर्धारण को लेकर अपनी चिंताएं जताई हैं। उनका कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के साथ किसी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए। वहीं, कुछ अन्य राज्यों का मानना है कि लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व जनसंख्या के आधार पर होना चाहिए।
विपक्ष भी इस विषय पर सरकार से स्पष्ट रुख की मांग कर रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक और राजनीतिक मुद्दे पर सभी दलों और राज्यों से व्यापक चर्चा के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए।
फिलहाल सरकार की चुप्पी और ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति ने परिसीमन बिल को लेकर सस्पेंस और बढ़ा दिया है। अब सभी की निगाहें संसद के शेष दो हफ्तों पर टिकी हैं कि सरकार इस बहुप्रतीक्षित विधेयक को सदन में पेश करती है या नहीं।
@MUSKAN KUMARI
