नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने सात राज्यों में न्यायिक अधिकारियों को 62 वर्ष की आयु तक सेवा जारी रखने का रास्ता साफ कर दिया है। हालांकि, इसके लिए संबंधित अधिकारियों की कार्यक्षमता और सेवा से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष देशभर में जिला न्यायपालिका के अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का मुद्दा लंबे समय से विचाराधीन है। इससे पहले अदालत ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को संबंधित उच्च न्यायालयों से परामर्श कर इस संबंध में निर्णय लेने को कहा था।

बताया जा रहा है कि जिन राज्यों में सरकार और उच्च न्यायालय इस प्रस्ताव पर सहमत हैं, वहां 62 वर्ष तक सेवा का रास्ता खुल गया है। वहीं, कुछ राज्यों में सरकारों और संबंधित उच्च न्यायालयों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण मामला अभी अटका हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने अन्य राज्यों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर 2026 को होने की संभावना है। अदालत के इस फैसले को जिला अदालतों में न्यायिक अधिकारियों की कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
