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CBSE के तीन-भाषा नियम पर बढ़ा विवाद भाजपा नेता अन्नामलाई ने शिक्षा मंत्रालय से नए आदेश को वापस लेने की मांग की

CBSE के नए तीन-भाषा नियम को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता K. Annamalai ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों और अभिभावकों पर अनावश्यक दबाव बढ़ा सकता है।

हाल ही में सीबीएसई ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा था कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा पढ़ना अनिवार्य होगा। इसके तहत दो भाषाओं का भारतीय भाषाएं होना जरूरी बताया गया है। यह नियम पहले तय समय-सीमा 2029-30 से पहले लागू किया जा रहा है, जिससे कई राज्यों में बहस तेज हो गई है।

अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह फैसला खासकर जैसे राज्यों के छात्रों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि कई छात्रों ने पहले ही कक्षा 6 में अपनी भाषा का चयन कर लिया था। उन्होंने कहा कि अचानक नई भाषा लागू करने से छात्रों की पढ़ाई और मानसिक दबाव दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

भाजपा नेता ने यह भी याद दिलाया कि अप्रैल 2026 में जब सीबीएसई ने कक्षा 6 के लिए तीन-भाषा नीति की घोषणा की थी, तब उन्होंने उसका समर्थन किया था। उस समय यह स्पष्ट किया गया था कि कक्षा 9 में यह नियम 2029-30 से लागू होगा। लेकिन अब समय-सीमा में बदलाव को उन्होंने पहले दिए गए आश्वासन के खिलाफ बताया।

अन्नामलाई ने शिक्षा मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा नीति का उद्देश्य बच्चों को बोझ देना नहीं, बल्कि उन्हें बहुभाषी और सक्षम बनाना होना चाहिए।

@MUSKAN KUMARI

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