केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकार रुपये की विनिमय दर में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि रुपये की कीमत बाजार की स्थिति और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर तय होती है। साथ ही सरकार निर्यात बढ़ाने, आयात पर निर्भरता घटाने और भारत में निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है और यह पूरी तरह बाजार आधारित प्रक्रिया का परिणाम है। शुक्रवार को रुपया लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ 95.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से रुपये को समर्थन मिला।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने हाल के वर्षों में निर्यात को बढ़ावा देने और वैश्विक व्यापार में भारत की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक नौ मुक्त व्यापार समझौते पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने, छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक बनाने और सप्लाई चेन से जुड़ी जरूरी वस्तुओं के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।
पीयूष गोयल ने कहा कि इन सभी पहलों का उद्देश्य भारत के औद्योगीकरण को नई मजबूती देना और देश को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना है।
@MUSKAN KUMARI
