सलाहुद्दीन अहमद ने कहा है कि बांग्लादेश सरकार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से वापस लाना चाहती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब शेख हसीना ने हाल ही में कहा था कि वह मृत्युदंड का सामना करने के बावजूद जल्द अपने देश लौटने की उम्मीद रखती हैं।
गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार कानूनी तरीके से शेख हसीना की वापसी चाहती है और यदि वह लौटना चाहें तो इसमें उन्हें कोई कानूनी बाधा नजर नहीं आती।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद शेख हसीना की अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी, जिसके बाद वह भारत में रह रही हैं।
बताया जा रहा है कि नवंबर 2025 में एक न्यायाधिकरण ने अनुपस्थिति में शेख हसीना को मृत्युदंड सुनाया था। हालांकि उनके समर्थकों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की थी।
मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ शेख हसीना के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू की थी। बाद में फरवरी में सत्ता में आई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सरकार ने भी अवामी लीग पर प्रतिबंध के फैसले का समर्थन किया।
यह बयान प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना मामलों के सलाहकार जाहेदुर रहमान की टिप्पणी के एक दिन बाद आया है। उन्होंने कहा था कि यदि शेख हसीना बांग्लादेश लौटती हैं तो उनके खिलाफ कोई अतिरिक्त-न्यायिक कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन उन्हें अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
ढाका के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायाधिकरण के फैसले को चुनौती देने की समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है।
@MUSKAN KUMARI
