पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी राजनीतिक गतिविधियों के बीच गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा ने पाकिस्तान की केंद्र सरकार से क्षेत्र को अस्थायी प्रांत का दर्जा देने की मांग की है। विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर क्षेत्र के लोगों को संवैधानिक और राजनीतिक अधिकार देने की मांग उठाई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रस्ताव विधायक जलाल अली शाह ने पेश किया, जिसे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का समर्थन मिला। प्रस्ताव में वर्ष 2009 के गिलगित-बाल्टिस्तान सशक्तिकरण एवं स्वशासन आदेश और वर्ष 2018 के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया कि अब क्षेत्र के लोगों को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में प्रतिनिधित्व का अधिकार दिया जाना चाहिए। इसके लिए सरताज अजीज समिति की सिफारिशों को लागू करने की मांग की गई है।

वहीं, भारत ने अपने पुराने और स्पष्ट रुख को दोहराया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान, पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) और पूरा जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख भारत का अभिन्न अंग हैं। भारत का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा क्षेत्र की स्थिति बदलने के किसी भी प्रयास का कोई कानूनी आधार नहीं है और इससे वास्तविक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आता।
@MUSKAN KUMARI
