नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया है कि जनता के आक्रोश को देखते हुए ऐसा लगता है कि विपक्ष अगले आम चुनाव को पहले ही जीत चुका है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं होंगे। उन्होंने इंडिया ब्लॉक के सभी सहयोगी दलों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा को हराने के लिए विपक्षी एकता जरूरी है।
इस सप्ताह आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक में राहुल गांधी ने करीब नौ मिनट का संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि यदि सभी विपक्षी दल एकजुट होकर खड़े रहें और सामूहिक रूप से संघर्ष करें, तो भारतीय जनता पार्टी को हराना आसान होगा। उन्होंने कांग्रेस और सहयोगी दलों की आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप की तरह सभी आलोचनाओं को मुस्कुराते हुए स्वीकार करेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि उनका उद्देश्य कांग्रेस की आलोचनाओं का जवाब देना नहीं, बल्कि विपक्षी दलों को एकजुट करना है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल समेत कई दल अब भी पुराने राजनीतिक तौर-तरीकों को प्रभावी मानते हैं, जबकि राजनीतिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं।
उन्होंने भाजपा पर न्यायपालिका, प्रशासन, खुफिया एजेंसियों और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर प्रभाव बढ़ाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने दावा किया कि कई राज्यों के चुनावों में नतीजों को प्रभावित किए जाने की आशंकाएं सामने आई हैं और विभिन्न विपक्षी नेताओं ने भी इस संबंध में संदेह जताया है।
बैठक में इंडिया ब्लॉक ने नीट और सीबीएसई से जुड़े मुद्दों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने तथा कथित ‘वोट चोरी’ और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का फैसला किया।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस एक “प्रतिरोध की पार्टी” है और उसका उद्देश्य विपक्षी दलों से संघर्ष करना नहीं, बल्कि उन्हें एकजुट कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने 2024 का लोकसभा चुनाव हारा नहीं, बल्कि जीता था, हालांकि कुछ कारणों से राजनीतिक परिस्थितियां बदल गईं।
@MUSKAN KUMARI
