वॉशिंगटन/तेहरान/मस्कट। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच शांति की एक किरण दिखाई दी है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच रातभर बातचीत का दौर चला और चर्चा अभी भी जारी है। हालांकि, इस दौरान दोनों पक्षों के बीच सैन्य हमले भी जारी रहे, लेकिन कूटनीतिक बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बढ़ा तनाव
दूसरी ओर, पश्चिम एशिया के समुद्री क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों पर हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं। ब्रिटेन की समुद्री व्यापार संस्था यूकेएमटीओ (UKMTO) ने ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक घटना की पुष्टि की है।
रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के सोहर बंदरगाह से करीब 21 समुद्री मील दूर एक टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई। स्थानीय अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि इस घटना से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत
इसी बीच एक दुखद घटना में एमटी सेटेबेलो नामक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि शुरुआत में लापता बताए गए तीन नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है।
सर्बानंद सोनोवाल ने जताया शोक
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारत के समुद्री समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सुरक्षित बचाए गए नाविकों को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए और मृतकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे और पाबंदियों से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका सबसे अधिक असर विकासशील देशों पर पड़ेगा।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत तत्काल युद्धविराम और समुद्री मार्गों की सुरक्षा बहाल करने की अपील की है।
स्थिति पर नजर रख रहा भारत
भारतीय विदेश मंत्रालय ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है। मंत्रालय ने जहाजों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जहां सैन्य गतिविधियां जारी हैं, वहीं अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत ने शांति की उम्मीद भी जगा दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस वार्ता और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति पर टिकी हुई हैं।
@MUSKAN KUMARI
