वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन भी भीषण हमले जारी रहे। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बड़ा बयान देते हुए चेतावनी दी कि अमेरिका ईरान के खिलाफ और बड़े हमले करने जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका जल्द ही ईरान के तेल और गैस उद्योग पर अपना नियंत्रण स्थापित करेगा, जिसमें ईरान का प्रमुख तेल केंद्र खर्ग द्वीप भी शामिल है।
अमेरिका ने तेज किए हमले, ईरान ने किया पलटवार
दोनों देशों के बीच गुरुवार सुबह तक संघर्ष जारी रहा। अमेरिकी सेना के हमले पहले दिन की तुलना में अधिक बड़े, तेज और आक्रामक बताए जा रहे हैं। इन हमलों से ईरान को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।
हालांकि, ईरान ने नुकसान का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन उसने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई का करारा जवाब दिया गया है। ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन स्थित ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। बताया जा रहा है कि इन देशों पर एक दिन पहले भी ईरान की ओर से हमले किए गए थे।
ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के सभी प्रमुख बंदरगाहों की समुद्री घेराबंदी कर रखी है। गुरुवार को अमेरिकी सेना ने कहा कि उसकी समुद्री नाकेबंदी पूरी मजबूती के साथ जारी है।
इसी दौरान अमेरिकी सेना ने समुद्र में एक बड़े तेल टैंकर को मिसाइल से निशाना बनाया। दावा किया गया कि यह टैंकर गुप्त रूप से ईरानी तेल की ढुलाई करने का प्रयास कर रहा था। मिसाइल हमले के बाद टैंकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
पूरे क्षेत्र में बढ़ी युद्ध की आशंका
डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान और दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। क्षेत्र के कई देशों में युद्ध की आशंका और दहशत का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस संघर्ष पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर वैश्विक तेल बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
@MUSKAN KUMARI
