बीजिंग। चीन ने भारत के साथ संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा है कि दोनों देशों को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि सहयोगी साझेदार के रूप में देखना चाहिए। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि भारत और चीन एक-दूसरे के लिए खतरा नहीं, बल्कि विकास के अवसर हैं और दोनों देशों को आपसी विश्वास बढ़ाते हुए सहयोग का दायरा विस्तृत करना चाहिए।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान लिन जियान ने कहा कि फिलहाल भारत-चीन सीमा की स्थिति सामान्य और स्थिर है तथा दोनों पक्षों के बीच संवाद का तंत्र सक्रिय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है, ताकि मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाते हुए संबंधों को स्थिरता और मजबूती प्रदान की जा सके।
पाकिस्तान के साथ चीन के करीबी संबंधों को लेकर भारत की चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि बीजिंग भारत और पाकिस्तान दोनों का समर्थन करता है कि वे बातचीत और परामर्श के माध्यम से अपने मतभेदों का शांतिपूर्ण समाधान निकालें और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखें।
इस बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी भारत और चीन के साथ रूस के दशकों पुराने संबंधों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सीमा विवाद समेत सभी मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने की दिशा में प्रयासरत हैं। पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस के भारत और चीन दोनों के साथ मजबूत संबंध स्वतंत्र रूप से विकसित हुए हैं और एक-दूसरे की कीमत पर नहीं हैं।
@MUSKAN KUMARI
