नई दिल्ली:
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार 2026 समारोह सोमवार को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में शुरू हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 66 हस्तियों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कारों से सम्मानित किया। समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी गई है, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। सरकार के अनुसार 19 महिलाओं को भी सम्मानित किया जा रहा है, जबकि 16 पुरस्कार मरणोपरांत दिए जा रहे हैं।
समारोह में फिल्म, संगीत, कला, साहित्य, खेल, चिकित्सा, सामाजिक सेवा और जनसेवा जैसे क्षेत्रों से जुड़ी कई बड़ी हस्तियों को सम्मान मिला। दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वहीं मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी और प्रसिद्ध गायिका अलका याज्ञनिक को पद्म भूषण प्रदान किया गया। अभिनेता आर. माधवन, बंगाली अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी और दिवंगत अभिनेता सतीश शाह को पद्म श्री सम्मान मिला।
इसके अलावा कला और संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। सरकार ने कहा कि पद्म पुरस्कार केवल प्रसिद्ध लोगों को ही नहीं, बल्कि उन “अनसुने नायकों” को भी दिए जाते हैं जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
पद्म पुरस्कार हर वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित किए जाते हैं। ये पुरस्कार तीन श्रेणियों— पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री — में दिए जाते हैं। पद्म विभूषण असाधारण एवं विशिष्ट सेवा के लिए, पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह समारोह देश की विविध प्रतिभाओं और योगदानकर्ताओं को सम्मान देने का प्रतीक माना जाता है। शेष पुरस्कार विजेताओं को दूसरे चरण के समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
@MUSKAN KUMARI
