प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विदेश दौरे के दौरान विभिन्न देशों के नेताओं को भारत की समृद्ध कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक विरासत से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तनिर्मित कलमकारी महाभारत पेंटिंग भेंट की गई, जिसे तैयार करने में करीब छह महीने का समय लगा। यह कलाकृति महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से धर्म, न्याय और नैतिक मूल्यों का संदेश देती है।
राष्ट्रपति मैक्रों की पत्नी ब्रिजिट मैक्रों को तेलंगाना का प्रसिद्ध पोचमपल्ली सिल्क स्टोल भेंट किया गया। पारंपरिक इकत तकनीक से तैयार यह स्टोल भारतीय वस्त्र कला और उत्कृष्ट शिल्पकला का प्रतीक माना जाता है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने जी-7 और अन्य देशों के नेताओं को राजस्थान की नागौरी अश्वगंधा, जम्मू-कश्मीर की रंबन हनी और वाराणसी का बनारसी सिल्क स्टोल जैसे उत्पाद भी भेंट किए। स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी को थेवा मोटिफ कफलिंक, हिमरू सिल्क टाई और डोकरा एंटीलोप सेट दिया गया, जबकि स्लोवाकिया के स्पीकर रिचर्ड रासी को सुश्रुत संहिता, चरक संहिता और बिहार का पारंपरिक व्यंजन ठेकुआ भेंट किया गया।
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको को कश्मीरी सिल्क कारपेट उपहार स्वरूप दिया गया। इन उपहारों के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने का प्रयास किया।
@MUSKAN KUMARI
