पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है। अमेरिका और ईरान के बीच 111 दिनों तक चले संघर्ष के बाद हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। इस बीच दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सेना की ताजा कार्रवाई ने शांति प्रक्रिया पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, युद्धविराम समझौते की एक महत्वपूर्ण शर्त यह थी कि इस्राइल आगे लेबनान को निशाना नहीं बनाएगा। हालांकि, इस्राइली सेना ने शुक्रवार को रातभर दक्षिणी लेबनान में कई ठिकानों पर हमले किए, जिनमें 20 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। इसके बाद ईरान ने स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित वार्ता में अपने प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी पर पुनर्विचार शुरू कर दिया है।

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की शर्तों को लागू करने के लिए स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित थी। हालांकि, क्षेत्रीय तनाव और अन्य चुनौतियों के कारण अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपनी यात्रा स्थगित कर दी, जिससे बैठक भी टल गई।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने लेबनान में नागरिक हताहतों पर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर कर सकती हैं। मौजूदा हालात ने पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया के भविष्य को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
@MUSKAN KUMARI
