भोपाल। चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई की मुख्य सूचना अधिकारी बीना यादव ने बताया कि भोपाल स्थित उनके आवास पर छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ और जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।
इससे एक दिन पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। अदालत ने मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।
जस्टिस देवनारायण मिश्रा की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने केस से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों और केस डायरी में मौजूद सामग्री पर पर्याप्त विचार नहीं किया था। हाई कोर्ट ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी के अलावा शरीर पर कई एंटी मॉर्टम चोटों का भी उल्लेख किया गया है, जो मामले को संदिग्ध बनाता है।
अदालत ने व्हाट्सऐप चैट्स, गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि निचली अदालत द्वारा दिया गया अग्रिम जमानत आदेश टिक नहीं सकता। कोर्ट ने यह भी माना कि जांच के इस चरण में आरोपों की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने अदालत में दलील दी कि मृतका के शरीर पर मिले चोट के निशान शव उतारने या अस्पताल ले जाने के दौरान नहीं लगे थे। सरकार ने इन चोटों को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया।
सीबीआई अब मामले में आगे की पूछताछ और जांच कर रही है। इस गिरफ्तारी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
@MUSKAN KUMARI
