Shehbaz Sharif शनिवार से चार दिवसीय चीन दौरे पर जाएंगे। ऐसे समय में यह यात्रा हो रही है जब मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है और China खुद को वैश्विक शांति स्थापित करने वाले प्रमुख देश के रूप में पेश कर रहा है।
पिछले दो हफ्तों में चीन ने पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और फिर रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin की मेजबानी की थी। अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का बीजिंग दौरा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में खास महत्व रखता है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने बताया कि 23 से 26 मई तक होने वाली इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के नेता द्विपक्षीय संबंधों और साझा चिंता के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। हालांकि चीन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि ईरान-अमेरिका तनाव इस वार्ता का हिस्सा होगा या नहीं।
चीन ने कहा है कि वह पाकिस्तान के साथ मिलकर मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाना चाहता है। चीन ने पाकिस्तान की “निष्पक्ष और संतुलित मध्यस्थ” की भूमिका का समर्थन भी किया है।
हाल के महीनों में पाकिस्तान अमेरिका और Iran के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश करता दिखा है। पिछले महीने पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच वार्ता की मेजबानी भी की थी, हालांकि अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो सका है।
इसी बीच पाकिस्तानी सेना प्रमुख Asim Munir के तेहरान दौरे की भी चर्चा है। दूसरी ओर, चीन ने इस पूरे संकट में अपेक्षाकृत शांत लेकिन सक्रिय कूटनीतिक रणनीति अपनाई है और खाड़ी देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।
@MUSKAN KUMARI
