अगरतला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को त्रिपुरा में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की लंकामूरा सीमा चौकी (बीओपी) पर जवानों के साथ संवाद के दौरान कहा कि जहां-जहां बीएसएफ और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) तैनात हैं, वहां ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना लागू की जाएगी। इसके तहत तकनीक, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के समन्वय से एक मजबूत और लीक-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि यह परियोजना अंतिम चरण में है और पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देश की विभिन्न सीमाओं पर सात से आठ स्थानों पर इसे एक साथ शुरू किया जाएगा। शुरुआती चुनौतियों को दूर करने के बाद इसे पूरे सीमा क्षेत्र में लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट बॉर्डर कॉन्सेप्ट में जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक, पटवारी और सरपंच जैसे स्थानीय प्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उनके अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय प्रशासन को शामिल किए बिना सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता।
अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2019 से अब तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों ने 7.5 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं। इस वर्ष 40 से 60 लाख और अगले वर्ष दो करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल की 37वीं वाहिनी में जवानों के आवास का ई-लोकार्पण और 97वीं वाहिनी में क्वार्टर गार्ड परिसर का ई-शिलान्यास भी किया।
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सीमा पर तैनात जवानों के लिए आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित पेयजल, बिजली आपूर्ति और ग्रीन एनर्जी जैसी योजनाओं पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि 15 वर्ष से अधिक पुरानी 650 किलोमीटर लंबी सीमा बाड़ में से 119 किलोमीटर हिस्से के आधुनिकीकरण को मंजूरी दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश की सुरक्षा को और मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए तस्करी, मानव तस्करी और नशीले पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से आधुनिक और स्मार्ट सुरक्षा ग्रिड विकसित किया जा रहा है।
@MUSKAN KUMARI
