भारत ने स्वदेशी रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने महत्वाकांक्षी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। रक्षा मंत्रालय ने 27 मई को घोषणा की कि देश के पहले स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट के लिए पांच प्रोटोटाइप विकसित किए जाएंगे।
इस परियोजना के लिए तीन निजी क्षेत्र के समूहों को चुना गया है। इनमें tataadvancedsystems.com, larsentoubro.com-bel-india.in-डायनामेटिक टेक्नोलॉजीज कंसोर्टियम तथा bharatforge.com-bemlindia.in-डेटा पैटर्न्स कंसोर्टियम शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने इन कंपनियों को प्रोटोटाइप विकास के लिए प्रस्ताव (RFP) जारी किया है।
इस फैसले की सबसे चर्चित बात यह रही कि सरकारी विमान निर्माता Hindustan Aeronautics Limited (HAL) को इस चरण में शामिल नहीं किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, पहली बार किसी बड़े लड़ाकू विमान कार्यक्रम में निजी क्षेत्र को इतनी बड़ी भूमिका दी गई है।
AMCA एक मध्यम वजन वाला, दो इंजन से लैस, मल्टी-रोल स्टेल्थ फाइटर जेट होगा, जिसे भारतीय वायुसेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। यह विमान अत्याधुनिक स्टेल्थ तकनीक, उन्नत एवियोनिक्स, नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध क्षमता और लंबी दूरी के मिशनों को अंजाम देने में सक्षम होगा।
इस परियोजना के प्रोटोटाइप चरण के लिए लगभग 1.56 अरब डॉलर यानी करीब 13,000 से 15,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार इस विकास लागत का पूरा खर्च वहन करेगी।
दिलचस्प बात यह है कि भारत को अमेरिकी F-35 Lightning II और रूसी Sukhoi Su-57 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों के प्रस्ताव मिले थे। इसके बावजूद भारत ने स्वदेशी फाइटर जेट विकसित करने के अपने लक्ष्य पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इसे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AMCA परियोजना सफल होने पर भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनके पास स्वयं विकसित 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमान होंगे। यह परियोजना भारतीय रक्षा उद्योग, निजी क्षेत्र की भागीदारी और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को भी नई दिशा दे सकती है।
@MUSKAN KUMARI
