Supreme Court of India ने दिल्ली सरकार को बड़ा निर्देश देते हुए कहा है कि Delhi Electricity Regulatory Commission (DERC) में अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति दो महीने के भीतर पूरी की जाए। अदालत ने चयन समिति को तय समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश Surya Kant, न्यायमूर्ति Joymalya Bagchi और न्यायमूर्ति Vipul M Pancholi की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार की उस अधिसूचना को रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें रिक्त पदों को भरने के लिए खोज और चयन समिति गठित करने की जानकारी दी गई थी। यह समिति 27 मई को बनाई गई थी।
अदालत ने सरकार को दो महीने बाद अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब दो महीने बाद होगी।
सुनवाई के दौरान ‘एनर्जी वॉचडॉग’ नामक एनजीओ की ओर से पेश वकील प्रणव सचदेवा ने कहा कि डीईआरसी पिछले एक वर्ष से प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पा रहा है, क्योंकि आयोग में न तो स्थायी अध्यक्ष है और न ही न्यायिक सदस्य।
DERC दिल्ली में बिजली क्षेत्र को नियंत्रित करने वाली वैधानिक संस्था है, जो बिजली दरें तय करने, लाइसेंस जारी करने, सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटारे का काम करती है।
@MUSKAN KUMARI
