संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को पैलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग की। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
संसद परिसर में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, इमरान प्रतापगढ़ी, अखिलेश यादव, धर्मेंद्र यादव, महुआ मोइत्रा समेत कई सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने पैलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
वहीं, पंजाब में कथित पेपर लीक के विरोध में एनडीए सांसदों ने भी संसद परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष से सदन चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया है और सभी दलों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। हालांकि विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
इससे पहले सुबह संसद भवन के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पहली बार NCPI के नेताओं ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में मानसून सत्र की रणनीति, परीक्षा सुधार और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई।
संसद में आज पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर विस्तृत चर्चा भी प्रस्तावित है। विधेयक में पेपर लीक के मामलों में कड़ी सजा, भारी जुर्माने और फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन जैसे प्रावधान शामिल हैं।
