अहमदाबाद: अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने री-नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर छात्रों और अभिभावकों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए परीक्षा का पेपर और गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराने का दावा कर लोगों को निशाना बना रहे थे।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) और 54 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D) के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने कई टेलीग्राम चैनल, आईडी और ऑनलाइन समूह बनाकर री-नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने संबंधी भ्रामक संदेश प्रसारित किए थे।
पुलिस के मुताबिक, परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों को विज्ञापनों, पोस्ट और संदेशों के माध्यम से लुभाया जाता था। आरोपियों द्वारा प्रश्नपत्र और गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे पैसे वसूले जाते थे। जैसे ही लोग रकम ट्रांसफर करते थे, आरोपी उनसे संपर्क समाप्त कर देते थे। न तो कोई प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जाता था और न ही पैसे वापस किए जाते थे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) शरद सिंघल ने स्पष्ट किया कि यह मामला री-नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने केवल सोशल मीडिया और टेलीग्राम समूहों के माध्यम से 21 जून को होने वाली री-नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र होने का झूठा दावा किया था।
तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के दो आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों में जयपुर निवासी सुमेर सिंह मीणा और कोटा से गिरफ्तार आकाश मीणा शामिल हैं। दोनों मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के रहने वाले हैं।
पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
@MUSKAN KUMARI
