कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष दोनों नेताओं को इस्तीफा देने तक सोने नहीं देगा।
राहुल गांधी ने संसद की कार्यवाही को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के लोग 20 दिनों तक सदन में नहीं आए और विपक्ष की आवाज नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा कि भारत को समझने के लिए लोगों को बोलने का मौका देना जरूरी है, लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है।

विदेश नीति पर भी मोदी सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी दूसरे देश के नेता से दोस्ती करना विदेश नीति नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर विदेश नीति चलानी चाहिए।
ईरान के युद्ध का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर भारत अवसर को समझता तो वह मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता था, लेकिन पाकिस्तान ने वहां अपनी जगह बना ली।
राहुल गांधी ने अपने बचपन का एक किस्सा सुनाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की विदेश यात्राओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध केवल नेताओं के आपसी मेल-जोल तक सीमित नहीं होते, बल्कि देश के हित और रणनीतिक जरूरतों से जुड़े होते हैं।
@MUSKAN KUMARI
