पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। आर्थिक बदहाली, महंगाई, बिजली संकट और कथित भेदभाव के खिलाफ चल रहे आंदोलन ने अब नया मोड़ ले लिया है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने क्षेत्र से पाकिस्तान रेंजर्स को हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच टकराव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है। प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि उनकी आवाज दबाने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जा रही है, जबकि पाकिस्तान प्रशासन का दावा है कि आंदोलन के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ हो सकता है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि कई प्रदर्शनकारियों और कार्यकर्ताओं को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत सूचीबद्ध किया गया है। बताया जा रहा है कि करीब 150 कार्यकर्ताओं को एंटी-टेरर फोर्थ शेड्यूल में शामिल किया गया है। आंदोलनकारी इसे जनआंदोलन को कमजोर करने और लोगों में भय पैदा करने की कोशिश बता रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह स्थानीय मुद्दों से जुड़ी हैं, जिनमें महंगाई पर नियंत्रण, बिजली दरों में राहत, रोजगार के अवसर और क्षेत्रीय भेदभाव खत्म करने जैसी मांगें शामिल हैं। उनका आरोप है कि सरकार बातचीत के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपना रही है।
खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि यदि जल्द संवाद की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।
@MUSKAN KUMARI
