इंटरनेशनल डेस्क | Asian Union Press (AUP)
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर NATO और सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोला है।
ट्रम्प ने कहा कि NATO के ज्यादातर सदस्य देश Iran के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान में शामिल नहीं होना चाहते।
“NATO अब ‘वन-वे स्ट्रीट’ बन गया है”
सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रम्प ने लिखा कि अमेरिका वर्षों से NATO देशों की सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता रहा है, लेकिन जब जरूरत पड़ती है, तो वही देश पीछे हट जाते हैं।
“यह गठबंधन अब सिर्फ अमेरिका के लिए जिम्मेदारी बन गया है, बदले में कुछ नहीं मिलता।”
ईरान को लेकर बड़ा दावा
ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी हद तक खत्म कर दिया है और अब अमेरिका को किसी भी सहयोगी देश की जरूरत नहीं है।
उनका कहना है कि अमेरिका अकेले ही इस स्थिति को संभाल सकता है।
एशियाई देशों पर भी बयान
ट्रम्प ने Japan, Australia और South Korea का जिक्र करते हुए कहा कि इन देशों की मदद भी अब अमेरिका को जरूरी नहीं लगती।
वैश्विक संकेत: रिश्तों में दरार?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ट्रम्प का यह बयान अमेरिका और उसके पारंपरिक सहयोगियों के बीच बढ़ती दूरी का संकेत दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे NATO जैसे बड़े सैन्य गठबंधनों की एकता पर असर पड़ सकता है।
AUP विश्लेषण
अमेरिका की “अकेले चलने” की नीति मजबूत हो रही
NATO की एकजुटता पर खतरा
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की संभावना
एशिया में रणनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है ट्रम्प का यह बयान वैश्विक राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। अगर अमेरिका सहयोगियों से दूरी बनाता है, तो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
